भारत-नेपाल सीमा सड़क बिहार के 6 जिलों से गुजरेगा, कब पूरा होगा निर्माण; यूपी-बंगाल जाना भी आसान

News By Ajeet Kumar

Updated:- 24 May 2026 At 8:34 AM

Nepal Border Road: सीमा की सुरक्षा और लोगों के बेहतर आवागमन को ध्यान में रखते हुए इस सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। बिहार में सात जिले पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज से यह सड़क गुजरती है।

भारत-नेपाल सीमा सड़क (India-Nepal Border Road) का निर्माण अगले माह यानी जून में पूरा कर लिया जाएगा। सात जिलों से गुजरने वाली इस सड़क के 538 किमी लंबाई का निर्माण पूरा कर लिया गया है। अब मात्र 16 किमी का निर्माण शेष है, जिसपर तेजी से काम किया जा रहा है। यह सड़क कुल 554 किमी लंबी है। सीमा की सुरक्षा और लोगों के बेहतर आवागमन को ध्यान में रखते हुए इस सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। बिहार में सात जिले पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज से यह सड़क गुजरती है।

इनमें पूर्वी चंपारण जिले में 11 और किशनगंज में पांच किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण शेष है। इस सड़क के निर्माण में भारत सरकार का करीब चार हजार करोड़ और बिहार सरकार का 2800 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए हैं। सड़क निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण पर सारा खर्च बिहार सरकार ने किया है।

इसे भी पढ़ें:- श्री राम की मूर्ति सम्राट चौधरी का ऐलान, पंचकोसी कॉरिडोर की उठीं मांग

यह सड़क बिहार के सात जिलों के साथ उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल से भी जुड़ा है। इस तरह तीन राज्यों में आना और जाना इस सड़क से आसान होगा। वहीं, सुरक्षा की दृष्टि से भी यह सड़क काफी खास है। विभागीय पदाधिकारी बताते हैं कि अच्छी सड़क के बनने से सीमा की निगरानी बेहतर ढंग से हो सकेगी। गश्तीदल को सुरक्षा बहाल करने में भी मदद मिलेगी। यह सड़क सात मीटर चौड़ी बन रही है। पदाधिकारी बताते हैं कि भारत और नेपाल सीमा की लंबाई 650 किलोमीटर है। इनमें 554 किलोमीटर सड़क भारत-नेपाल सीमा सड़क के तहत बनी है। वहीं, शेष हिस्सा एनएच के रूप में पहले से बना हुआ है।

Leave a Comment