50 ओवर में बने 822 रन, 1 तिहरा, 1 दोहरा और 1 शतक से बल्लेबाजों ने मचाई तबाही

जिम्बाब्वे में स्कॉर्पियन क्रिकेट क्लब ने निर्धारित 50 ओवरों में 4 विकेट खोकर 822 रन का विशालकाय स्कोर खड़ा किया, जो 16.44 की रन रेट से बनाया गया था. इस पारी के दौरान अतिरिक्त (Extras) के रूप में भी 100 से अधिक रन बने. दूसरी टीम सिर्फ 28 रन बना पाई और स्कॉर्पियन क्रिकेट क्लब 794 रनों से मुकाबला जीत गया.

News By Ajeet Kumar

Updated 14 May 2026 At 9.42 PM

जिम्बाब्वे क्रिकेट का घरेलू ढांचा अपनी अनोखी और रोमांचक क्रिकेट के लिए हमेशा से जाना जाता रहा है, लेकिन हाल ही में ‘मासविंगो 50 ओवर फर्स्ट लीग’ में जो हुआ, उसने वैश्विक स्तर पर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. स्कॉर्पियन क्रिकेट क्लब और मेथेन लॉयन्स के बीच खेले गए इस सीमित ओवरों के मैच ने क्रिकेट इतिहास के उन सभी पन्नों को पलट दिया, जिन्हें अब तक अकल्पनीय माना जाता था.

पहले ओपनर ने ठोके 302 रन, दूसरे ने बनाए 203 रन, 50 ओवर में बने 822 रन

क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी जीत, 50 ओवर की क्रिकेट में बने 822 रन जिम्बाब्वे के क्रिकेट इतिहास में जहां एंडी फ्लावर, हीथ स्ट्रीक और हालिया समय में सिकंदर रजा जैसे दिग्गजों ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है, वहीं स्थानीय स्तर पर इस अविश्वसनीय मुकाबले ने यह साबित कर दिया है कि जिम्बाब्वे की पिचों पर रनों का ऐसा सैलाब भी आ सकता है.

स्कॉर्पियन क्रिकेट क्लब का ऐतिहासिक प्रहार

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी स्कॉर्पियन क्रिकेट क्लब की टीम ने शुरुआती पावरप्ले से ही अपने इरादे साफ कर दिए थे, जब उन्होंने बिना किसी नुकसान के 222 रन बोर्ड पर टांग दिए. टीम के सलामी बल्लेबाजों ने मेथेन लॉयन्स के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए पहले विकेट के लिए ही 414 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी कर डाली.इस आतिशी पारी की शुरुआत करते हुए मतेंडे ने महज 75 गेंदों में 203 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली, जिसमें 23 चौके और 13 गगनचुंबी छक्के शामिल थे. मतेंडे के आउट होने के बाद भी रनों की रफ्तार थमी नहीं. मादेम्बो ने अकेले दम पर विपक्षी गेंदबाजों को घुटनों पर ला दिया और 143 गेंदों में 50 चौकों और 7 छक्कों की मदद से 302 रनों की अकल्पनीय त्रिशतकीय पारी खेलकर रिटायर्ड आउट हुए. अंतिम ओवर्स में जया ने भी बहती गंगा में हाथ धोए और मात्र 49 गेंदों में नाबाद 110 रन ठोक डाले.विज्ञापनइन पारियों के दम पर स्कॉर्पियन क्रिकेट क्लब ने निर्धारित 50 ओवरों में 4 विकेट खोकर 822 रन का विशालकाय स्कोर खड़ा किया, जो 16.44 की रन रेट से बनाया गया था.

इस पारी के दौरान अतिरिक्त (Extras) के रूप में भी 100 से अधिक रन बने

मेथेन लॉयन्स का आत्मसमर्पण और 794 रन की ऐतिहासिक जीत823 रनों के असंभव लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेथेन लॉयन्स की टीम मानसिक रूप से पहली पारी में ही मैच हार चुकी थी. स्कॉर्पियन के गेंदबाजों, विशेष रूप से इमैनुएल दुबे जूनियर जिन्होंने 4 विकेट चटकाए, के सामने लॉयन्स के बल्लेबाज ताश के पत्तों की तरह ढह गए. पूरी टीम सिर्फ 7.5 ओवरों में महज 28 रन पर 7 विकेट खोकर सिमट गई, जिसके बाद मुकाबला समाप्त हो गया. इसके परिणामस्वरूप स्कॉर्पियन क्रिकेट क्लब ने 794 रनों के विशाल अंतर से जीत दर्ज की.

आधिकारिक रिकॉर्ड बुक्स में स्थान क्यों नहीं?

क्रिकेट प्रशंसक इस आंकड़े को देखकर हैरान हैं, लेकिन तकनीकी रूप से यह मुकाबला किसी आधिकारिक ‘लिस्ट ए’) श्रेणी के अंतर्गत नहीं खेला गया था, जिसके कारण यह आईसीसी (ICC) या आधिकारिक वैश्विक रिकॉर्ड बुक्स में दर्ज नहीं हो सकेगा. आधिकारिक लिस्ट ए क्रिकेट में वर्तमान में सबसे बड़े स्कोर का रिकॉर्ड भारत के घरेलू टूर्नामेंट (विजय हजारे ट्रॉफी) में बिहार के नाम दर्ज है, जिसने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 574/6 रन बनाए थे. फिर भी, जिम्बाब्वे के मासविंगो प्रांत से निकलकर आई इस स्कोरकार्ड की तस्वीर ने दुनिया भर के क्रिकेट गलियारों में तहलका मचा दिया है और यह मुकाबला स्थानीय क्लब क्रिकेट के इतिहास में हमेशा के लिए अमर हो गया है.

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